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Definitional Dictionary of Agricultural Entomology (English-Hindi) (CSTT)

Commission for Scientific and Technical Terminology (CSTT)

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Aphaniptera

एफानिप्टेरा
दे. साइफोनैप्टेरा ।

Aphicide

ऐफिडनाशी
एफिड के नियंत्रण में उपयोग किया जाने वाला रसायन ।

Aphid – borne

एफिड – वाहित
ऐसे सूक्ष्म जीव जो एफिड़ों के शरीर में रोग उत्पन्न करने में सक्षम होने तक परिवर्धित होते हैं ।

Aphidicolous

ऐफिडवासी
ऐफिड के साथ अस्थाई अथवा स्थायी रूप से रहने वाला जीव ।

Aphid lion

एफिड व्याघ्र
लेसविंग (क्राइसोपा कॉर्निया) के डिम्भक के लिए यह नाम प्रयुक्त होता है जो घड़ियाल जैसा और बहुत खाने वाला होता है । इसका उपयोग विस्तृत रूप में एफिडों के नियंत्रण के लिए ग्रीन हाऊस में उगायी जाने वाली फसनों पर किया जाता है ।

Apiary

मधुमक्षिशाला, मधुवाटिका
मधुमक्खी पालन के छत्ते अथवा अन्य पात्रों का समूह जो मधुमक्‍खियों को रखने तथा उनके प्रजनन के लिए उपयोग में आता है ।

Apical cell

शीर्ष कोशिका
वह वृहदाकार पोषी कोशिका जो कुछ कीटों में वृषण नलिका के ऊपरी सिरे पर होती है ।

Apiculture

मधुमक्षिपालन, मौनपालन
मधुमक्खियों का व्यावसायिक स्तर पर प्रजनन और पालन पोषण । उदाहरण – मधुमक्‍खी की जाति एपिस मेलीफेरा का संवर्धन करना ।

Apodeme

आंतरवर्ध
देहभित्ति की कोई घनीय अंत:वृद्धि जो सामान्यत: बहुकोशिकीय आधात्री और कभी – कभी एकल कोशिका में भी हो सकती है ।

Apodous

अपाद
कीटों के डिम्भकों का एक प्रकार जिसमें वक्षीय और उदरीय उपांग पूर्णतया दमित अथवा अनुपस्थित होते हैं । इस प्रकार के डिम्भक अधिकतर हाइमेनोप्टेरा, डिप्टेरा, कोलियोप्टेरा गणों में और लेपीडोप्टेरा के कुछ कीटों में पाये जाते हैं ।

Apodous larva

अपाद डिम्भक
ऐसा डिम्भक जिसमें धड़ – उपांग पूरी तरह दबे होते हैं । अधिकांश कीटों की उत्पत्‍ति अल्पपाद किस्म के डिम्भक से होती है . कोलियोप्टेरा में पादहीन अवस्था अनेक कुलों के कीटों में मिलती है ।

Apodus

अपाद, पादहीन
कीट का पादरहित डिम्भक (लार्वा)

Apophysis

अध:स्फीतिका
देहभित्ति का बाह्य या आंतरिक गुलिकीय या लम्बा प्रवर्ध ।

Appetitive behaviour

अभिलाषी व्यवहारजब कीटों के लिये प्राकृतिक निकेत में उनके संकेंद्रण (concentration) स्थल की पर्यावरणी दशायें उपयुक्त हो जाती हैं तो उन्हें उद्दीपनों के मोचित होने से आवश्यक निवेश प्राप्‍त होते है ताकि वे अनिवार्य जीवन संबंधी कार्य कर सकें । इसके अंतर्गत वे तेजी से कुछ स्थलों की ओर बढ़ते हैं जो निम्‍नलिखित हैं । 1. अंडनिक्षेपण / स्फुटन स्थल 2. शिशु अशन स्थल 3. निर्मोचन (moulting) 4. वयस्क निर्गमन स्थल 5. वयस्क अशन स्थल 6. संगम स्थल 7. दिवाचर / निशाचर क्रिया स्थल और 8. शीतनिष्क्रियता / उपरति (diapause) स्थल आदि । कीटों की ये सभी क्रियाएं इस व्यवहार के अंतर्गत आती हैं ।
1. अंडनिक्षेपण / स्फुटन स्थल
2. शिशु अशन स्थल
3. निर्मोचन (moulting)
4. वयस्क निर्गमन स्थल
5. वयस्क अशन स्थल
6. संगम स्थल
7. दिवाचर / निशाचर क्रिया स्थल और
8. शीतनिष्क्रियता / उपरति (diapause) स्थल आदि । कीटों की ये सभी क्रियाएं इस व्यवहार के अंतर्गत आती हैं ।

Apposition image

स्तराधान प्रतिबिम्बवह प्रतिबिम्ब जिसका निर्माण उस समय होता है जब बाह्य बिंदुओं से आने वाली प्रकाश किरणों में से कुछ किरणें नेत्रांशकों में प्रवेश करने पर अपवर्तनी इकाई द्वारा नीचे स्थित रैब्डोम के दूरस्त सिरे पर फोकस हो जाती है । शेष सभी किरणें नेत्रांशकों को पृथक करने वाले वर्णक द्वारा विच्छिन हो जाती हैं ।

Apterous

पक्षहीन
बिना पंखों वाला कीट ।

Apterygota

एप्टेरिगोटा
पंख हीन कीटों का वह उप – वर्ग जिनकी पक्षहीन दशा आदिम मानी गई है और जिनमें कायांतरण कम अथवा नहीं होता । वयस्क में एक या अधिक जोड़ी अग्रजननीय (pregenital) उदरीय उपांग होते हैं तथा चिबुकास्थियां (mandibles) सिर सम्पुट (headcapsule) से प्राय: एक स्थान पर संधित होती हैं । उदाहरण – धाइसेन्यूरा, डिप्लूरा,प्रोट्यूराऔर कोलेम्बेला गणों के कीट ।

Archenteron (gastrocoele)

आद्यंत्र
अंतश्‍चर्म (endoderm) की गुहिका जो कंदुकन (gastrulation) के दौरान अंतश्‍चर्म और मध्यजनस्तर (मेसोडर्म) कोशिकाओं के भीतर की ओर जाने से बनती है तथा अंतत: आंत्रगुहिका बन जाती है ।

Arista

शूक
श्रृंगिका का पतला और शूक – समान उपांग । आकारिकीय रूप से वर्तिका (style) और शूक में अंतर नहीं होता । वर्निका सदैव अंतस्थ होती है जबकि शूक प्राय: पृष्‍ठीय और बिरले ही अंतस्थ होता है । साइक्लोरेफा की श्रृंगिकाओं में तीन आधारीय खंड होते हैं जिनमें तीसरा सबसे बड़ा, जटिल और शूक वाला होता है । शूक नग्‍न, पिच्छकी अथवा कंकती हो सकते हैं । वर्गीकरण में ये बहुत महत्वपूर्ण होते हैं ।

Arolium

अजिनक
गद्दी से समान संरचना जो नखरों के बीच अंतिम गुल्फ खंड के शीर्ष पर या प्रत्येक गुल्फ नखर के आधार पर पायी जाती है । उदाहरण – डिप्टेरा गण की घरेलू मक्खी ।

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